अबना: सूचना के अनुसार जनरल हुसैन सलामी ने तेहरान के दक्षिण पश्चिमी शहर शहरयार में एक समारोह में ग़ज़्ज़ा के ताज़ा हालात और ज़ायोनी शासन के अपराधों पर रौशनी डालते हुए कहा कि दुश्मन के मुक़ाबले में इस्लामी ज़मीनों की रक्षा की जानी चाहिए।
जनरल हुसैन सलामी ने शहीदों को ईरानी राष्ट्र के सम्मान व सरबुलंदी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने सारी दुनिया को बता दिया है कि वह पूरी तरह से अपनी ज़मीन की रक्षा के लिये तैयार रहती है।
सिपाहे पासदारान के उप प्रमुख ने कहा कि ईरानी राष्ट्र ने फ़ौजी, आर्थिक और राजनीतिक लिहाज से पाबंदियों के बावजूद थोपी गई जंग में आठ वर्षों तक अपने पवित्र लक्ष्य और उद्देश्य की रक्षा की और अपनी ज़मीन का एक बालिश्त हिस्सा भी दुश्मन के हवाले नहीं किया।